हरिद्वार मायापुर स्थित परीक्षा केंद्र एसवीएम इंटर कालेज में होने वाली थी नकल, 16 लाख रुपए में हुआ था सौदा
सिद्धबली न्यूज डेस्क
देहरादून। लंबे समय से बाद परीक्षा करवा रहे उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की सहायक टीचर परीक्षा में एक बार फिर सेंध लगाने की कोशिश हुई। उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने परीक्षा से पूर्व ही नकल का ठेका लेने वाले गिरोह के सरगना व साल्वर को दबोच लिया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि रविवार 18 अगस्त को यूकेएसएसएससी की सहायक अध्यापक (मैथमेटिक्स) की परीक्षा विभिन्न केंद्रों में हुई। सूचना मिली थी कि जनपद मेरठ उत्तर प्रदेश का रहने वाला एक व्यक्ति उधम सिंह जिसका भर्ती परीक्षा में नकल कराकर पास कराने का अपना एक गिरोह है, और वह विभिन्न राज्यों में समय-समय पर आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में अपने साथियों के साथ परीक्षा में नकल कराकर रुपये लेकर अभ्यर्थियों को पास कराता है।
सूचना थी कि उधम सिंह अपने एक साथी के साथ एलटी भर्ती परीक्षा में एक परीक्षार्थी की जगह अपने साथी (साल्वर) को बिठाकर उसकी परीक्षा दिलवाएग। इसके|एवज में 16 लाख में सौदा तय किया गया। उधम सिंह के बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला कि वह पूर्व में भी फर्जी भर्ती कराने के अपराध में अपने साथियों के साथ थाना ब्रह्मपुरी जनपद मेरठ उत्तर प्रदेश से जेल जा चुका है। इस सूचना पर एसटीएफ टीमों को हरिद्वार में तैनात कर दिया गया।
रविवार को हरिद्वार मायापुर स्थित परीक्षा केंद्र एसवीएम इंटर कालेज के बाहर से गिरोह का मास्टरमाइंड उधम सिंह एवं उसके बिहार के रहने वाले साथी अनुपम कुमार जो कि परीक्षार्थी की जगह बैठकर पेपर साल्व करने वाला था। परीक्षा से पूर्व ही एसटीएफ की टीम ने उधम सिंह निवासी ग्राम चकबंदी थाना सरघना जिला मेरठ उत्तर प्रदेश व अनुपम कुमार निवासी निकट देवनारायण मार्केट, ओम साईं अस्पताल के पीछे, मोहल्ला रामकृष्णा नगर, थाना रामकृष्णानगर, जनपद पटना, बिहार को गिरफ्तार कर लिया गया। उनके पास से एक फर्जी प्रवेश पत्र व तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
पेपर साल्व करने के लिए बिहार से बुलाया था साल्वर
एसएसपी ने बताया कि पूछताछ करने पर आरोपित उधम सिंह ने बताया कि उसने यूकेएसएसएससी की सहायक टीचर (एलटी) भर्ती परीक्षा में पेपर साल्व कराने के लिये अनुपम कुमार को बिहार से बुलाया था।कुलदीप सिंह अभ्यर्थी के संबंध में उसके रिश्तेदार सचिन से उसकी बात चल रही थी और पेपर साल्व करने की डील 16 लाख रुपये में तय हुई थी। उधम सिंह ने कुलदीप सिंह का प्रवेश पत्र व आधार कार्ड लेकर उसके स्थान पर अपने दोस्त अनुपम कुमार जोकि पटना बिहार का रहने वाला है, से परीक्षा दिलाने की योजना बनाई, जिसके लिए परीक्षा के बाद मैं अनुपम को 04 लाख रुपये देने थे। योजना के मुताबिक वह दोनों परीक्षा देने के आए थे। उन्होंने प्रवेश पत्र पर कुलदीप सिंह की जगह अनुपम का फोटो प्रिंट कर प्रवेश पत्र तैयार किया गया ताकि उसको आसानी से अंदर परीक्षा हाल में जाने का मौका मिल जाए।