एमकेवीएन एजुकेशनल ग्रुप में हुआ राज्य स्थापना दिवस का भव्य कार्यक्रम

रैबार के अन्तर्गत छात्रों को प्रदेश की संस्कृति और रीति रिवाजों को सिखाया

सिद्धबली न्यूज डेस्क

कोटद्वार। एमकेवीएन ऐजुकेशनल ग्रुप के एमकेवीएन सीनियर सेकेंडरी स्कूल कण्वघाटी, एमकेवीएन इंटरनेशनल स्कूल देवीरोड़ एवं एमकेवीएन स्कूल दुर्गापुरी में उत्तराखण्ड राज्य निर्माण की रजत जयंती के उपलक्ष में रैबार कार्यक्रम के अन्तर्गत विभिन्न रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में छात्रों को प्रदेश की संस्कृति और रीति रिवाजों से जोड़नें और उन्हें समझाने का प्रयास किया गया। एमकेवीएन सीनियर सेकेंडरी स्कूल कण्वघाटी में प्रबंध निदेशक  प्रकाष चन्द्र कोठारी, प्रषासनिक निदेषक विपिन जदली, प्रधानाचार्या  सुनीता नैथानी ने संयुक्तरूप से दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया जिसमें  कोठारी जी द्वारा विद्यालय के छात्र-छात्राओं को उत्तराखण्ड राज्य निर्माण हेतु विभिन्न आंदोलनों एवं राज्य आंदोलनकारियों के प्रयासों के विषय में बताया। उन्होंने कहा कि, आज उत्तराखण्ड अपनी रजत जयंती मना रहा है और उत्तराखण्ड के लोगों अपनी बोली और संस्कृति को भूलते जा रहे हैं। हमें एक सशक्त और मजबूत उत्तराखण्ड का निर्माण करने की आवष्यकता है, उन्होंने पहाड़ की पीड़ा को समझाते हुए कहा कि रोजगार, स्वास्थ्य एवं षिक्षा की उचित व्यवस्था न होने के कारण उत्तराखण्ड पलायन का दंष झेल रहा है। आगे उन्होंने कहा कि, रैबार कार्यक्रम के माध्यम से छोटे-2 बच्चों में फिर से अपनी संस्कृति और रीति रिवाजों का बीजारोपण कर उत्तराखण्ड को नई दिषा की ओर ले जाने का प्रयत्न किया है।

देवीरोड़ स्थित एमकेवीएन इंटरनेशनल स्कूल में भी विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसमें बच्चों के द्वारा उत्तराखण्ड की संस्कृति को दिखाने का प्रयास किया गया, छोटे-2 बच्चों ने गढ़वाली और कुमाउँनी गीतों पर लोक नृत्य प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया। इस अवसर पर विद्यालय के कार्यकारी निदेशक  मयंक प्रकाष कोठारी ‘भारतीय’ ने सभी को राज्य स्थापना दिवस की बधाई दी। साथ ही छात्र-छात्राओं को उत्तराखण्ड की संस्कृति को समझनें और उससे प्रेरित होने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि पहाड़ में सुख-सुविधाएं न होने पर भी पहाड़ी लोग अपने पहाड़ को सषक्त बनाने और उससे जुड़े रहने के लिए प्रयत्नशील हैं।

 

दुर्गापुरी स्थित एमकेवीएन स्कूल में भी रैबार के अन्तर्गत विभिन्न रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसमें विद्यालय परिसर में उत्तराखण्ड से सम्बंधित विभिन्न घरेलु, कृषि उपकरणों और खाद्य सामग्री की एक विषेष प्रदर्शनी लगाई गई जिसमें फलों, पहाड़ी दालों, अरसा, बाल मिठाई गागर, भड्डू, चायकी केतली, सिलबट्टा विभिन्न आभूषणों को प्रदर्षित किया गया। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने पहाड़ी गीतों के माध्यम से अपने उत्तराखण्ड की विषेशता बताई। कक्षा-06 एवं 07 के छात्र-छात्रों ने ‘बेडु पाको बारा मास’ लोक गीतों पर सुन्दर प्रस्तुति देकर दर्षकों का मन मोह लिया। विद्यालय की षिक्षा निदेषिका श्रीमती सिन्धु कोठारी जी ने बच्चों को रजत जयंती की शुभकामनाएं दी। साथ ही बच्चों के द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों के लिए उनकी सराहना की।

इस अवसर पर उपनिदेशिका सोनम पंत कोठारी, प्रधानाचार्या  कविता रावत,  ज्योति कुलाश्री, उपप्रधानाचार्या  रेखा नेगी, नितिष कुमार,  पुष्पा केष्टवाल, ममता नेगी, अतुल बडोला, पुष्कर कुमार, विवेक सती, अशोक जखमोला, आकांक्षा अधिकारी, अनुप्रिया शर्मा, सुषमा नेगी, शांति रावत, प्रियंका रावत, षान्ति देवी, अंजू रावत, रंजना, मीनाक्षी बड़थ्वाल, पूजा, सुनीता, अनिल सैनी, अंजलि, गीता, स्वाति, राहुल कुमार, अरूण असवाल आदि शिक्षक शिक्षिकाएं मौजूद रहे।

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *