मार्च 2021 को किशोरी की मां ने नाई के खिलाफ बहला-फुसलाकर बेटी के अपहरण करने का किया था केस
सिद्धबली न्यूज डेस्क
पौड़ी। विशेष सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) पौड़ी की अदालत ने किशोरी से दुष्कर्म के दोषी नाई को 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर 50 हजार का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं किए जाने पर दोषी को तीन माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। इसके अलावा अदालत ने प्रदेश सरकार को पीड़िता व नवजात शिशु को एक एक लाख रुपये का प्रतिकर दिए जाने का आदेश दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार पौड़ी के एक राजस्व क्षेत्र स्थित गांव की एक किशोरी 27 फरवरी 2021 को परिजनों को कंप्यूटर प्रशिक्षण के लिए जाने की बात कहकर घर से निकली थी। लेकिन देर शाम तक वह घर नहीं लौटी। जिसके बाद दो मार्च 2021 को किशोरी की मां ने नाई के खिलाफ बहला-फुसलाकर बेटी के अपहरण की तहरीर राजस्व पुलिस को सौंपी थी। राजस्व पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ किशोरी के अपहरण की धारा में मुकदमा दर्ज कर जांच रेगुलर पुलिस को सौंप दिया। इसके बाद पौड़ी पुलिस ने युवक को गिरफ्तार किया था। किशोरी ने बताया था के नाई पहले उसे हरिद्वार ले गया और बाद में बंगलुरु ले गया था। जहां वह पति-पत्नी की तरह रहे। वहीं एक नवजात बेटी को जन्म दिया था। डीएनए में पीड़िता व आरोपी युवक के नवजात के माता- पिता होने की पुष्टि हुई।