डीएवी स्कूल में आयोजित किया गया भाषा समर कैंप
सिद्धबली न्यूज डेस्क
कोटद्वार। बलभद्रपुर स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल कोटद्वार में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा जारी “Suggestive Day-wise Activities for BBSC-2026” के निर्देशों के अनुपालन में विद्यालय में भारतीय भाषा समर कैंप (BBSC-2026) के अंतर्गत बंगाली भाषा एवं संस्कृति पर आधारित सप्ताहव्यापी विविध शैक्षिक, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय भाषाओं के प्रति सम्मान, व्यवहारिक भाषा कौशल, सांस्कृतिक जागरूकता तथा “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को सुदृढ़ करना था।

कार्यक्रम में कक्षा 6 से 8 तक के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। निर्धारित गतिविधियों के अंतर्गत 21 जुलाई को विद्यार्थियों ने ‘जूते की दुकान’ विषय पर बंगाली भाषा में प्रभावशाली रोल-प्ले (नाट्य प्रस्तुति) प्रस्तुत की, जिसमें खरीद-बिक्री से जुड़े दैनिक संवादों का जीवंत प्रदर्शन किया गया। 22 जुलाई को ‘ओपन मार्केट’ विषय पर बंगाली भाषा में संवादात्मक नाटक प्रस्तुत कर विद्यार्थियों ने व्यवहारिक भाषा कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
23 जुलाई को बंगाली भाषा में फलों एवं सब्जियों के नाम विषय पर शिक्षाप्रद वीडियो प्रदर्शित किया गया, जिससे विद्यार्थियों ने नए शब्दों एवं उनके सही उच्चारण का ज्ञान प्राप्त किया। 24 जुलाई को दैनिक जीवन में प्रयुक्त होने वाले सामान्य वाक्यांशों पर आधारित वीडियो के माध्यम से विद्यार्थियों ने व्यवहारिक बंगाली भाषा का अभ्यास किया। 25 जुलाई को बंगाल की जनजातीय लोकनृत्य एवं लोककला पर आधारित प्रेरक वीडियो का प्रदर्शन किया गया, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एवं लोक परंपराओं से परिचित कराया गया।
सप्ताहभर आयोजित इन गतिविधियों में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह, आत्मविश्वास एवं रचनात्मकता के साथ सहभागिता की। रोल-प्ले, वीडियो आधारित शिक्षण, संवाद अभ्यास एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भाषा-अधिगम को रोचक, प्रभावी एवं अनुभवात्मक बनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य नितिन भाटिया ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ विद्यार्थियों में भाषाई दक्षता, आत्मविश्वास, राष्ट्रीय एकता तथा भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक शिक्षिकाएं और कर्मचारी मौजूद रहे।