डीएवी स्कूल में शिक्षकों ने सीखी गणित विषय की बारीकियां

डी ए वी पब्लिक स्कूल में आयोजित किया गया तीन दिवसीय शिक्षक क्षमता निर्माण कार्यक्रम

सिद्धबली न्यूज डेस्क

कोटद्वार। डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, कोटद्वार में गणित विषय की बारीकियों को प्रभावी ढंग से समझाने तथा पुस्तकालय के माध्यम से विद्यार्थियों में स्वाध्याय (सेल्फ रीडिंग) की रुचि विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय शिक्षक क्षमता निर्माण कार्यक्रम का शुभारंभ आज दिनांक 22 जून 2026 को विद्यालय के सभागार में किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य नितिन भाटिया तथा विशेषज्ञ प्रशिक्षकों अनीता तोमर, शालिनी वर्मा, दीपिका नेगी, प्रमिला बिष्ट, वैशाली अरोड़ा, सीमा गुसाईं, रश्मी बलूनी, गिरीश चंद्र पंत तथा रेनू बिष्ट द्वारा दीप प्रज्वलन एवं डी.ए.वी. गान के साथ किया गया।

अपने संबोधन में प्रधानाचार्य  नितिन भाटिया ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षकों का निरंतर प्रशिक्षण एवं कौशल संवर्धन अत्यंत आवश्यक है। ऐसे कार्यक्रम शिक्षकों को नवीन शिक्षण विधियों, नवाचारों तथा प्रभावी कक्षा-शिक्षण तकनीकों से परिचित कराते हैं, जिसका प्रत्यक्ष लाभ विद्यार्थियों को प्राप्त होता है। उन्होंने विशेष रूप से गणित शिक्षण को अधिक रोचक एवं सरल बनाने तथा विद्यार्थियों में पुस्तकालय के माध्यम से स्वाध्याय की आदत विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

प्रधानाचार्य  नितिन भाटिया ने डी.ए.वी. कॉलेज प्रबंध समिति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समिति द्वारा डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, कोटद्वार को इस शिक्षक क्षमता निर्माण कार्यक्रम के आयोजन एवं सफल संचालन का दायित्व सौंपना विद्यालय के लिए गर्व एवं सम्मान का विषय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कार्यक्रम प्रतिभागी शिक्षकों के ज्ञान, कौशल एवं शिक्षण दक्षता को नई दिशा प्रदान करेगा तथा विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ बनाएगा।

तीन दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कोटद्वार, हरिद्वार, देहरादून, रुद्रपुर, काशीपुर, बाजपुर एवं हल्द्वानी स्थित डी.ए.वी. विद्यालयों के 36 शिक्षक एवं शिक्षिकाएँ प्रतिभाग कर रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान गणित शिक्षण की विभिन्न बारीकियों, नवाचारी शिक्षण तकनीकों, गतिविधि-आधारित शिक्षण तथा पुस्तकालय के प्रभावी उपयोग के माध्यम से विद्यार्थियों में अध्ययन एवं स्वाध्याय की संस्कृति विकसित करने संबंधी विषयों पर विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।

कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों की व्यावसायिक दक्षताओं का विकास करते हुए विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर को उन्नत बनाना तथा उनमें आजीवन सीखने की प्रवृत्ति का विकास करना है। विद्यालय प्रशासन ने आशा व्यक्त की कि यह क्षमता निर्माण कार्यक्रम शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा तथा शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा।

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