हैप्पी होम की छात्रा श्रीम अग्रवाल को मुखमंत्री ने किया सम्मानित, विद्यालय में खुशी का माहौल
सिद्धबली न्यूज डेस्क
कोटद्वार। उत्तराखण्ड के भावी स्वरूप को लेकर युवाओं की कल्पनाशीलता, चिंतन और सृजनात्मक दृष्टि को मंच प्रदान करने वाली राज्यव्यापी पहल ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ में हैप्पी होम स्कूल, कोटद्वार की छात्रा श्रीम अग्रवाल का चयन हुआ है। छात्रा की इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार और परिजनों में हर्ष और उत्साह का वातावरण है।

देहरादून में मुख्यमंत्री सेवा सदन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान श्रीम अग्रवाल को मुख्यमंत्री की ओर से उनकी उपलब्धि के सम्मान स्वरूप प्रशस्ति-पत्र एवं स्कूल बैग प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया। इस अवसर पर उन्हें मुख्यमंत्री के साथ संवाद करने का भी विशेष अवसर प्राप्त हुआ, जिसमें उन्होंने अपने विचार एवं जिज्ञासाएँ साझा कीं। मुख्यमंत्री के साथ प्रत्यक्ष संवाद और सम्मान प्राप्त करने का यह अनुभव छात्रा के लिए अत्यंत प्रेरणादायी एवं अविस्मरणीय रहा। यह अवसर न केवल उसकी प्रतिभा और उपलब्धि का सम्मान है, बल्कि उसे भविष्य में निरंतर सीखने, आगे बढ़ने और समाज एवं प्रदेश के विकास में अपनी सार्थक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करने वाला महत्वपूर्ण अनुभव भी है।

श्रीम अग्रवाल की इस उपलब्धि पर विद्यालय की डायरेक्टर उषा सिंह एवं प्रधानाचार्या शालिनी सिंह ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या शालिनी सिंह ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों की प्रतिभा निखारने के साथ-साथ उनके विचारों को सकारात्मक एवं रचनात्मक दिशा प्रदानको सकारात्मक एवं रचनात्मक दिशा प्रदान करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की ऐसी उपलब्धियाँ न केवल उनके आत्मविश्वास को बढ़ाती हैं, बल्कि अन्य विद्यार्थियों को भी निरंतर आगे बढ़ने और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करती हैं। प्रधाचार्य ने कहा कि यह सफलता न केवल छात्रा की प्रतिभा, परिश्रम और विचारशीलता का प्रमाण है, बल्कि विद्यालय की उस सुदृढ़ शैक्षिक परंपरा को भी रेखांकित करती है, जिसमें विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ समाज, प्रदेश और राष्ट्र के भविष्य के प्रति संवेदनशील एवं उत्तरदायी बनाने पर विशेष बल दिया जाता है।वोविद्यालय के शिक्षकों ने भी श्रीम अग्रवाल की इस उपलब्धि को विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी बताते हुए उन्हें शुभकामनाएँ दीं।

आपको बता देखन कि हैप्पी होम स्कूल, कोटद्वार लंबे समय से विद्यार्थियों में ज्ञान, अनुशासन, सृजनात्मकता और आत्मविश्वास के विकास को शिक्षा का महत्वपूर्ण अंग मानता रहा है। विद्यालय में विद्यार्थियों को केवल परीक्षा की तैयारी तक सीमित न रखते हुए उन्हें अपनी प्रतिभा को विभिन्न मंचों पर अभिव्यक्त करने के लिए निरंतर प्रोत्साहित किया जाता है। मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन में छात्रा का चयन इसी शैक्षिक दृष्टिकोण की एक उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में देखा जा सकता है।

मेरे सपनों का उत्तराखण्ड : एक विकसित राज्य हेतु मेरा दृष्टिकोण’ विषय पर आधारित इस महत्वपूर्ण पहल का उद्देश्य कक्षा 11 एवं 12 के विद्यार्थियों को उत्तराखण्ड के भविष्य के संबंध में अपने विचार, आकांक्षाएँ, रचनात्मक सुझाव और नवाचारी दृष्टिकोण व्यक्त करने का अवसर देना है। श्रीम अग्रवाल ने ‘पर्यटन एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था’ विषय पर निबंध के माध्यम से उत्तराखण्ड में पर्यटन की संभावनाओं और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों लेकर अपने विचार रोजगार के अवसरों को लेकर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने पर्यटन को प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा स्थानीय लोगों की आजीविका के लिए महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में रेखांकित किया। इस राज्यव्यापी पहल की व्यापकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उत्तराखण्ड की सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों से चयनित विद्यार्थियों को राज्यस्तरीय मंच प्रदान किया गया। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से दो विद्यार्थियों एक हिंदी और एक अंग्रेज़ी वर्ग से का चयन किया गया।

कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र से हैप्पी होम स्कूल, कोटद्वार की छात्रा श्रीम अग्रवाल का चयन इसी प्रतिष्ठित राज्यस्तरीय चयन प्रक्रिया के अंतर्गत हुआ है। प्रदेशभर के विद्यार्थियों की व्यापक भागीदारी के बीच विधानसभा स्तर से राज्यस्तरीय मंच तक पहुँचना छात्रा की उपलब्धि को और विशेष बनाता है। यह सफलता हैप्पी होम स्कूल, कोटद्वार के लिए भी गौरव का विषय है और विद्यालय में प्रतिभा, चिंतन एवं सजनात्मक अभिव्यक्ति को दिए जा रहे महत्व को रेखांकित करती है।श्रीम अग्रवाल की यह उपलब्धि हैप्पी होम स्कूल, कोटद्वार के लिए केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि उस विश्वास की विजय है कि शिक्षा जब प्रतिभा, चिंतन और सामाजिक सरोकारों से जुड़ती है, तो विद्यार्थी भविष्य के निर्माण में अपनी सार्थक भूमिका निभाने के लिए तैयार होते हैं।