विजय जड़‌धारी को मिला सर्वोदय सेवक स्व. मानसिंह रावत व सेविका स्व. शशि प्रभा रावत सम्मान

प्रसिद्ध सर्वोदय विचारक “बीज बचाओ आन्दोलन के प्रणेता हैं विजय जड़‌धारी जी

सिद्धबली न्यूज डेस्क

कोटद्वार। मानसिंह शशि प्रभा सर्वोदय सेवा ट्रस्ट, कण्वाश्रम ग्राम स्वराज समिति हल्दूखाता एवं गढ़वाल सर्वोदय मंडल के संयुक्त तत्वाधान में ‘सर्वोदय सेवक स्व० श्री मानसिंह रावत व सेविका स्व० श्रीमती शशि प्रभा रावत सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। वर्ष 2026 का यह सम्मान प्रसिद्ध सर्वोदय विचारक “बीज बचाओ आन्दोलन के प्रणेता  विजय जड़‌धारी जी’ को दिया गया।

सर्वोदय सेविका” स्व० श्रीमती शशि प्रभा रावत जी की जयन्ती के शुभ अवसर पर आयोजित समारोह की मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ० माधुरी बर्थ्याल जी रही। विशिष्ट अतिथि प्रॉफेसर आर. एस. चौहान (विभागाध्यक्ष बी. एड. विभाग, रा. स्नात. महा. कोटद्वार) तथा श्रीमती कंचन रावत (प्रधानाध्यापिका – राजेश्वरी करुणा बोक्सा जनजाति बालिका विद्यालय तथा वरिष्ठ पत्रकार, प्रमुख लेखिका सुश्री कुसुम रावत जी रही। कार्यक्रम का शुभारम्भ सर्वधर्म प्रार्थना एवं गाँधीजी के प्रिय भजन से हुआ। गढ़वाल सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष डॉ. सुरेन्द्र लाल आर्यजी ने मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि का स्वागत किया और उक्त कार्यक्रम व इसके मिशन की सफलता की कामना की।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रॉफेसर आर. एस. चौहान जी ने अपने वक्तव्य में “सर्वोदय सेवकों के विचारों को दुनिया के सर्वोच्च विचार मानते हुए सभी से इन विचारों के अनुसरण करने एवं “सर्वोदय सेवक सेविका स्व० श्री मानसिंह रावत व स्व० श्रीमती शशि प्रभा रावत जी के अधूरे छोड़े गये सर्वोदय कार्यों को पूरा करने का आह्वाहन किया।

कार्यक्रम के विशेष अथिति वरिष्ठ पत्रकार एवं समाज वैज्ञानिक सुश्री कुसुम रावत ने स्वर्गीय  मान सिंह रावत जी एवं शशि प्रभा रावत जी के सर्वोदय कार्यों को प्रकाशित करने हेतु संकलित करने का आह्वान किया।  प्रकाश कोठारी जी ने कहा कि ऐसे महामानव की जोड़ी युगों में एक बार जन्म लेती है। श्री विजय जड़धारी जी ने कहा कि कैसे सर्वोदय सिद्धांतों से प्रेरित होकर ही उनके द्वारा बीज बचाओ आंदोलन का विचार जन-जन से लेकर देश ही नहीं अपितु विदेशों में भी पहुंचाया गया। सर्वोदय सेवा सम्मान 2026 से सम्मानित होने पर उन्होंने कहा कि यह सम्मान मेरे लिए जीवन में प्राप्त सभी सम्मानों से ऊपर है,  मान सिंह रावत जी से हमने सीखा कि सर्वोदय का विचार लोगों में त्याग और सेवा भावना इस कदर भर देता है कि व्यक्ति फिर कुछ और सोच नहीं पाता।

मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ० माधुरी बर्ध्वाल ने पहाड़ की संस्कृति को सर्वोदय विचारों के पोषण के लिए आवश्यक माना और बताया कि शशि प्रभा एवं मान सिंह जी हमारे पितरों के रूप में है और उनके जन गीत और सेवा पथ पर आज भी कई समाजसेवी चलकर समाज में योगदान दे रहे हैं, उन्होंने भारत में गांधी आंदोलन के समय पर गाए जाने वाले लोकगीतों के माध्यम से सर्वोदय विचार की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला उनके सर्वोदय यात्रा से जुड़े जन गीत और कार्यक्रम में बोक्सा जनजाति बालिका विद्यालय के अनुशासित सेवा भाव पढ़ाई में होशियार एवं आज्ञाकारी छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये और एम के वी एन विद्यालय के स्कूली बच्चों ने नशा मुक्ति पर गीत गाकर सबका मनमोह लिया। सर्वोदय सेवक स्वर्गीय मानसिंह रावत जी की बेटी डॉ० गीता रावत शाह ने अपने माता-पिता के जीवन पर प्रकाश डाला और बताया कि किस तरह से सर्वोदय वातावरण में हम सभी भाई बहनों का लालन-पालन हुआ। कोटद्वार शहर के जाने माने व्यक्ति एवं समाजसेवी इस कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से स्व० श्री मानसिंह रावतजी की परपोती ने उनके साथ जिए गए अनुभवों को साझा किया और बताया कि जैसे-दादाजी जरूरत से ज्यादा पानी खर्च करने पर डांटते थे, उनके लिए सभी लोग बराबर थे, चाहे वे अपने घर के हों या बाहरी। वे कपड़ों का जीर्ण-शीर्ण होने तक प्रयोग करते थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही  विमला रावत ने जनजाति विद्यालय की संयोजिका  मंजू रावत के संघर्षों की सराहना की तथा सभी आगंतुकों एवं उपस्थित सज्जनों की इस कड़ाके की ठंड में भी कार्यक्रम में पहुंचने पर आभार व्यक्त किया।

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