विद्यालय परिसर में रोपे आम, आंवला, डैकण, इमली, तुलसी, गिलोई, नीम के पौधे
सिद्धबली न्यूज डेस्क
कोटद्वार। मेहरबान सिंह कण्डारी सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज कोटद्वार में हरेला पर्व धूमधाम से मनाया गया। छात्र छात्राओं ने विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे।
मंगलवार को विद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के स्वयं सेवी भैय्या/बहिनों व विद्यालय की प्रबन्ध समिति व विद्वत जनों एवं पूर्व सैनिक सेवा पशिद उत्तराखण्ड द्वारा हरेला पर्व, पर्यावरण सप्ताह के तहत वृक्षारोपण कर धूम-धाम से मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय प्रबन्ध समिति व विद्यालय परिवार व सभी स्वयंसेवी भैय्या/बहिनों ने विद्यालय परिसर व अपने-अपने घरा पर आम, आंवला, डैकण, इमली, तुलसी, गिलोई, नीम आदि पेड़ों का वृक्षारोपण कर हरेला पर्व को बड़े धूम-धाम से मनाया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रबन्धक विष्णु कुमार अग्रवाल ने सभी से आग्रह करते हुए कहा है कि, वर्तमान समय में सभी प्रकार के पर्यावरण सम्बन्धी समस्याओं का एक मात्र समाधान वृक्षारोंपण ही है। हमें वृक्ष लगाने के साथ-साथ उनके संरक्षण की भी प्रतिज्ञा लेनी चाहिए। इस अवसर पर श्री सत्यप्रकाश थपलियाल जी ने सभी स्वयं सेवियों को बताया कि हमें पेड़ लगाकर र्वाभर उसकी निराई-गुड़ाई व देखभाल भी करनी चाहिए ताकि पेड़ जीवित रह सके।
इस अवसर पर पूर्व सैनिक सेवा परिषद इकाई कोटद्वार के अध्यक्ष गोपाल बर्थवाल ने सभी स्वयं सेवियों को बताया कि हरेला पर्व उत्तराखण्ड का एक प्रसिद्ध लोकपर्व है। जिसके द्वारा मनुष्य को प्रकृति प्रेमी बनाना है। जिस से हम वृक्षारोपण कर जलवायु परिवर्तन व ग्लोवल वार्मिंग को कम कर सकें। इसके लिए हमें अपने-अपने घरों को इकोफ्रेंडली बनाकर प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनना होगा।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य चंदन सिंह नकोटी ने सभी स्वयं सेवी भैय्या/बहिनों को बताया कि विद्या भारती द्वारा हरेला पर्व पर्यावरण सप्ताह के अन्तर्गत विविध प्रतियोगिताएं आयोजित की जायेंगी, जिसके तहत आज सभी स्वयं सेवी भैय्या/बहिनों द्वारा अपने-अपने घरों व विद्यालय परिसर में फलदार व औषधीय पौधों का वृक्षारोपण व उनका संरक्षण करने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य द्वारा प्रबन्ध समिति केसभी सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। हरेला पर्व वृक्षारोपण कार्यक्रम में सत्यप्रकाश थपलियाल, कै पीएल खन्तवाल, राजदीप माहेश्वरी, विपुल उनियाल जीशशिमोहन उनियाल, वृजमोहन मंमगांई, कैलाश्च वेदी, राजेन्द्र पंत जी, मनमोहन जी अनुप जी. कै०सी०पी० धूलिया, कै० हसवंत सिंह बिष्ट सी०पी० डोबरियाल व समस्त विद्यालय परिवार उपस्थित रहा।