मातृ शक्ति लोक कला संस्कृति समिति की ओर से आयोजित श्री राम लीला का नौवां दिन
सिद्धबली न्यूज डेस्क
कोटद्वार। मातृ शक्ति लोक कला संस्कृति समिति की ओर से आयोजित महिला रामलीला का मंचन के आठवें दिन सुर्पनखा की नाक काटे जाने से लेकर लक्ष्मण शक्ति का सजीव मंचन किया गया।
समिति की अध्यक्ष सरोज रावत के निर्देशन में आयोजित रामलीला में महिला कलाकारों ने लक्ष्मण-शूर्पणखा प्रसंग का मंचन किया। इसमें रावण की बहन शूर्पणखा पंचवटी में जाकर जब श्रीराम चंद्र, सीता और लक्ष्मण के साथ दुर्व्यवहार करती है तो लक्ष्मण शूर्पणखा की नाक काट देता है। सूर्पणखा उनसे बदला लेने के लिए राक्षस खर व दूषण के साथ अन्य राक्षसों को भेज देती है, जहां श्रीरामचंद्र अपने बाण चलाकर उन सब का वध कर देते हैं।
फिर शूर्पणखा अपने भाई रावण के दरबार में जाकर अपनी कटी नाक दिखाते हुए श्रीराम चंद्र, सीता और लक्ष्मण को आरोपी बताती है। इस पर रावण गुस्से में आकर बदला लेने और सीता को उठाकर लाने की योजना की तैयारी के लिए मारीच को मिलने के लिए प्रस्थान कर जाता है। इसके बाद लंका में युद्ध के दौरान जब रावण अपने पुत्र मेघनाथ को युद्ध करने के लिए भेजता है तो मेघनाथ ब्रह्माशक्ति बाण से लक्ष्मण जी को मूर्छित कर देता है। भाई को मूर्छित देख श्री राम विलाप करते हैं, इसी दौरान वैद्य के बताने पर हनुमान जी द्रोणगिरी पर्वत से संजीवनी बूटी लाते हैं।
इस अवसर पर समिति की अध्यक्ष और रामलीला की निर्देशक सरोज रावत, सोनिया रावत, लक्ष्मी मलासी, शोभा रावत, गीता काला, लक्ष्मी रावत, मालती बिष्ट, रुपा रावत, शोभा बिष्ट, किरन बिष्ट, सुधा रावत, अनुराधा नेगी, सुमित्रा देवी, सेवेत्री रावत, अमिता रावत आदि मौजूद रहे।