– केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने दी एम्स ऋषिके को दो नयी स्वास्थ्य योजानाओं की सौगात, वर्चुअल माध्यम से किया लोकार्पण
सिद्धबली न्यूज डेस्क
ऋषिकेश। केन्द्रीय स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, रसायन व उर्वरक मंत्री डाॅ. मनसुख मांडविया ने शनिवार को एम्स ऋषिकेश के स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ और ट्राॅमा आईसीयू स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं का वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना केन्द्र सरकार की प्राथमिकता है। एम्स ऋषिकेश में स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ और न्यू ट्राॅमा आईसीयू स्वास्थ्य योजनाओं का लोकार्पण करते हुए उन्होंने इन योजनाओं को राज्य के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र की कल्याणकारी योजना बताया।
एम्स ऋषिकेश में यह कार्यक्रम संस्थान के मुख्य सभागार में आयोजित किया गया। लोकार्पण समारोह के दौरान एम्स ऋषिकेश के अध्यक्ष प्रो. समीरन नंदी, कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह, डीन एकेडेमिक प्रो. जया चतुर्वेदी, मेडिकल सुपरिन्टेन्डेन्ट प्रो. आर.बी. कालिया, सीफएम की विभागाध्यक्ष डॉ. वर्तिका सक्सेना, उप निदेशक (प्रशासन) ले. कर्नल अमित पराशर, वित्तीय सलाहकार ले. कर्नल एस. सिद्धार्थ, सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर ले. कर्नल राजेश जुयाल, डाॅ. मीनाक्षी धर, डाॅ. वन्दना धींगरा, डाॅ. रूचि दुआ, विधि अधिकारी प्रदीप चन्द्र पांडेय, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी संदीप कुमार सिंह, प्रशसनिक अधिकारी गौरव बडोला, पीपीएस विनीत कुमार सहित कई विभागों के फेकल्टी सदस्य, अधिकारीगण व अन्य स्टाफ उपस्थित रहे।
क्या है स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ
संस्थान के समुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभाग (सीएफएम) द्वारा संचालित स्कूल ऑफ पब्लिक हैल्थ में मास्टर ऑफ पब्लिक हेल्थ पाठ्यक्रम की सुविधा है। यह 2 वर्षीय पाठ्यक्रम है। इस पाठ्यक्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य बीमारियों की वृहद स्तर पर रोकथाम, इसका प्रबंधन, स्वास्थ्य योजनाओं का मूल्यांकन, स्वास्थ्य के सामाजिक कारकों का व्यापक अध्ययन व उसकी रोकथाम हेतु योजना तैयार करना शामिल है।
यह कार्य करेगा न्यू ट्रॉमा आईसीयू
संस्थान के ट्राॅमा सेन्टर में इस योजना को विकसित किया गया है। गंभीर रूप से बीमार व दुर्घटना के रोगियों सहित पॉलीट्रॉमा के रोगी, बंदूक की गोली से घायल, चाकू व छुरे से लगने वाली चोटें, रीढ़ की हड्डी की चोट और सिर की चोट जैसे गम्भीर रोगियों का इसमें इलाज किया जा सकेगा। 6 आइसोलेशन बेड सहित इसमे कुल 18 बेड का आईसीयू उपलब्ध है। इस ट्राॅमा आईसीयू में ऐसे मरीजों को भी रखा जा सकेगा जिन्हें अलग एंटीबायोटिक प्रोटोकॉल और आघात चिकित्सा की आवश्यकता होती है।