सात मार्च को ओटीए चेन्नई से पासिंग आउट होकर बनी आर्मी लेफ्टिनेंट
सिद्धबली न्यूज डेस्क
कोटद्वार। कहते हैं अगर आपने कुछ कर गुजरने की ठान ली हो, तो कायनात भी आपके सपनों को साकार करने में लग जाती है। गढ़वाल की बेटी कीर्ति शर्मा के साथ भी यही हुआ। कीर्ति ने सेना अधिकारी बनकर देश की सेवा करने का संकल्प लिया था, जो सात मार्च को पूरा हुआ। कीर्ति के माता पिता ने उसके कंधों पर स्टार लगाकर बेटी के सपनों को साकार करते हुए गर्व की अनुभूति प्राप्त की।

देवी रोड सिताबपुर निवासी रुपेश शर्मा और माताजी रेनू शर्मा की होनहार बेटी कीर्ति ने सेना से सेवानिवृत्त सुबेदार सुरेद्र चंद्र ग्वाड़ी दादाजी और कर्नल दीपक डबराल मामाजी से प्रभावित होकर बचपन में ही सेना अधिकारी बनने की ठानी। कीर्ति ने मित्तल इंस्टीट्रयूट ऑफ टैक्नॉलजी कॉलेज भोपाल से बीएससी की। देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा लिए
उसने इसी दौरान एनसीसी में भी एडमिशन ले लिया। स्नातक के दौरान कड़ी मेहनत और लगन से उसने एनसीसी में ए ग्रेड के साथ एनसीसी सी प्रमाणत्र हाशिल किया। स्नातक पास होने के बाद एनसीसी की विशेष भर्ती के तहत उसने
आर्मी अधिकारी के लिए आवेदन किया। कीर्ति ने प्रयागराज उत्तर प्रदेश में आर्मी की एसएसबी साक्षात्कार पास करने के बाद ऑफसर ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए) चेन्नई ज्वाइन की। एक साल का प्रशिक्षण पास करने के बाद कीर्ति ने सात मार्च को ओटीए में पासिंग आउट परेड के बाद लेफ्टीनेंट के पद पर
सेना अधिकारी के रुप में कमीशन प्राप्त किया। बेटी के सेना अधिकारी बनने पर माता पिता और सभी परिजन गदगद हैं।