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बच्चों, शिक्षकों ने पौधे लगाकर लिया पर्यावरण का संकल्प
सिद्धबली न्यूज डेस्क
कोटद्वार। एमकेवीएन ऐजुकेशनल ग्रुप के कण्वघाटी, देवी रोड़ व दुर्गापुरी स्थित विद्यालयों में हरेला पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। विद्यालय के प्रबंध निदेशक प्रकाष चन्द्र कोठारी, षिक्षा निदेशीका सिन्धु कोठारी, प्रषासनिक निदेशक विपिन जदली एवं प्रधानाध्यापिका, कविता रावत, उपप्रधानाचार्या सुनीता नैथानी एवं रेखा नेगी द्वारा विभिन्न पेड़-पौधों को लगाकर हरेला पर्व मनाया गया।
जहाँ इस समय ग्लोबल वार्मिंग जैसे बडे़ संकट से पृथ्वी जूझ रही है वहीं प्रदूषण भी लगातार चिन्ता का विषय बनता जा रहा है। इसी संकट के दृष्टिगत हरेला पर्व पर पौधारोपण करना पृथ्वी के विकास एवं मानवजाति के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित होगा। हरेला पर्व के उपलक्ष्य पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढकर पौधारोपण किया साथ ही अन्य पेड़ पौधों में भी निराई-गुड़ाई व खाद आदि डालकर प्रकृति के संरक्षण का संकल्प लिया। हरेला पर्व को मनाने का मुख्य उददे्ष्य हमारी नई पीढ़ी को अपने उत्तराखण्ड की संस्कृति से जोड़ना है, जिससे बच्चों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत किया जा सके। बच्चों के द्वारा बोले गये ‘‘पेड़ लगाओ, जीवन बचाओ’’, ‘‘धरती करे यही पुकार, हरा भरा कर दो संसार’’, ‘‘पेड़-पौधे करो न नष्ट, सांस लेने में होगा कष्ट’’ जैसे नारों से प्रकृति के प्रति सजगता को भी प्रस्तुत किया।
देवी रोड़ स्थित एमकेवीएन इंटरनेशनल स्कूल में बच्चों द्वारा विभिन्न रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये जिसमें बच्चों द्वारा उत्तराखंडी पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया, प्री-प्राइमरी में बच्चों ने रैम्प वॉक करके सभी का मन मोह लिया। हरेला पर्व के उपलक्ष्य में हरेला के महत्व पर आस्था बड़थ्वाल और सुहाना ने गढ़वाली में भाषण दिया। वहीं कक्षा-5 के बच्चों ने एक गढ़वाली समूहगान प्रस्तुत किया। क्राफ्ट ऐक्टिविटी के तहत विभिन्न प्रकार के डिजाईन तैयार किये गये।
एमकेवीएन स्कूल दुर्गापुरी में बच्चों द्वारा हरेला पर्व के उपलक्ष्य में आर्ट एंड क्राफ्ट के द्वारा पेपर से पेड़ पौधे और विभिन्न प्रकार की आकृतियाँ बनाई। वहीं प्री-प्राइमरी के विद्यार्थियों ने हाथों द्वारा पेंट की सहायता से पोस्टर बनाये। कक्षा-3 के विद्यार्थियों ने गढ़वाली और कुमाऊँनी गीतों पर नृत्य प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रबंध निदेशक प्रकाश चन्द्र कोठारी जी ने बताया कि पेड़, धरती के सच्चे रक्षक हैं, जो पृथ्वी के संरक्षण, भू-कटाव एवं जल संचयन में मदद करते हैं। उन्होंने कहा, केवल पेड़-पौधों को लगाने मात्र से प्रकृति को प्रदूषित होने से बचाया जा सकता है जो कि सम्पूर्ण मानव जाति के लिए कल्याणकारी होगा।
इसी क्रम में विद्यालय के कार्यकारी निदेशक श्री मयंक प्रकाश कोठारी ‘भारतीय’ जी ने हरेला पर्व के उपलक्ष्य पर सभी को बधाई दी एवं सभी छात्र-छात्राओं को हरेला पर्व से जुड़ी उपयोगिता के विषय में भी बताया। उन्होेंने बताया कि प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर ही हम एक सुरक्षित और स्वच्छ भविष्य की ओर अग्रसर हो सकते हैं।
इस अवसर पर सोनम पंत कोठारी, ज्योति कुलाश्री, नितिष कुमार, श्रीमती पुष्पा केष्टवाल, ममता नेगी, अतुल बडोला, पुष्कर कुमार, प्रदीप नेगी, सावित्री रावत, आकांक्षा अधिकारी, प्रियंका रावत, षान्ति देवी, अंजू रावत, रंजना, पूजा, सुनीता, अनिल सैनी, अंजलि, गीता, स्वाति, आदि शिक्षक शिक्षिकाएँ मौजूद रहे।