DAV स्कूल में धूमधाम से मनाई गई बैसाखी

यूकेजी के बच्चों ने रंगीन चरखे, तो कक्षा पहली और दूसरी के बच्चों ने बनाई रंग-बिरंगी पतंग 

सिद्धबली न्यूज डेस्क

कोटद्वार। बलभद्रपुर स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल कोटद्वार में डा.भीमराव अंबेडकर जयंती व बैसाखी का पावन त्योहार बड़े उत्साह और सांस्कृतिक भावना के साथ मनाया। उत्सव का शुभारंभ एक विशेष प्रार्थना सभा के साथ हुआ, जिसमें विद्यार्थियों को संविधान निर्माता बाबा भीमराव अंबेडकर के संघर्ष पूर्ण जीवन व अमूल्य योगदान एवं फसल उत्सव के रूप में बैसाखी के महत्व और खालसा पंथ की स्थापना के बारे में जानकारी दी गई।
इस कार्यक्रम में कक्षावार कई रचनात्मक गतिविधियाँ प्रस्तुत की गईं।अपनी कलात्मक प्रतिभा दिखाते हुए नर्सरी के छात्रों ने माचिस की तीलियों से नाचते हुए पुरुष बनाए, जबकि एलकेजी के विद्यार्थियों ने वर्गाकार और त्रिभुजाकार पतंगें तैयार कीं। यूकेजी के विद्यार्थियों ने रंगीन चरखे बनाए। कक्षा पहली और दूसरी के विद्यार्थियों ने रंग-बिरंगी पतंगों और चरखों के माध्यम से अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। तीसरी कक्षा के विद्यार्थियों ने सुंदर ग्रीटिंग कार्ड डिज़ाइन किए।चौथी कक्षा के विद्यार्थियों ने ढोल बनाकर उत्सव में संगीतमय माहौल का तड़का लगाया।
इसके अलावा पंजाबी परिधान में सजे नन्हे मुन्ने बच्चों ने सुंदर नृत्य प्रस्तुत कर व ढोल बजाकर उत्सव में नृत्य व संगीत का एक जीवंत स्पर्श जोड़ दिया ।

विद्यार्थियों ने पूरे कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया और भरपूर उत्साह दिखाया। इस उत्सव ने विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मकता को व्यक्त करने के साथ-साथ सांस्कृतिक परंपराओं के बारे में जानने का अवसर प्रदान किया।
अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य नितिन भाटिया ने सभी को अंबेडकर जयंती एवं बैसाखी की बधाई
देते हुए कहा कि आज का दिन हमें डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के महान विचारों और उनके द्वारा समाज में समानता, शिक्षा एवं न्याय के लिए किए गए अमूल्य योगदान की याद दिलाता है। हमें उनके आदर्शों को अपनाकर एक बेहतर समाज के निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए।
साथ ही बैसाखी का यह पर्व हमें नई ऊर्जा, उत्साह और समृद्धि का संदेश देता है। यह त्योहार मेहनत, एकता और खुशहाली का प्रतीक है।
आप इन दोनों अवसरों से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में अनुशासन, परिश्रम और सद्भावना को अपनाएँ तथा अपने लक्ष्य की ओर निरंतर अग्रसर रहें।
यह कार्यक्रम एक आनंदमय माहौल में समाप्त हुआ, जिस सभी के बीच एकता, कृतज्ञता और सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान के मूल्यों को बढ़ावा दिया। इस अवसर पर समस्त स्टाफ मौजूद रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *